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Tuesday, October 13, 2026

चाईबासा के गुरुद्वारा नानक दरबार में विशेष गुरमत समागम आयोजित

कार्यक्रम की शुरुआत गुरुद्वारा के ग्रंथी हरभजन सिंह ने बारह माह के पाठ से की। इसके बाद उन्होंने साज के साथ गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया। कीर्तन से पूरा गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया और संगत गुरु की वाणी में लीन रही।

गुरु की शिक्षाओं पर चलने का संदेश

ग्रंथी हरभजन सिंह ने सावन माह से संबंधित गुरबाणी की पंक्तियों का पाठ करते हुए उनके आध्यात्मिक महत्व की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रभु के नाम का स्मरण करते हुए सत्य, सेवा और मानव कल्याण के मार्ग पर चलना चाहिए। साथ ही संगत से गुरु साहिब की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

समागम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और विश्व कल्याण की कामना करते हुए अरदास की गई। इसके बाद संगत के बीच प्रसाद वितरित किया गया और अल्पाहार की व्यवस्था की गई।

सावन माह के पहले दिन आयोजित इस विशेष धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया।

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